जंगल की सफारी का लुप्त उठाने पहुंचे गज परियोजना दलमा सेंचुरी में पर्यटक ,Tourists arrive at Gaj Project Dalma Century to enjoy jungle safari

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चांडिल (सम्भू सेन) :- वन एंव पर्यावरण विभाग झारखंड द्वारा ट्यूरिस्ट को बड़ावा को देखते हुए दलमा सेंचुरी में जंगल सफारी द्वारा सेंचुरी की बिहोड़ो में जंगली जीवजंतु नजदीक से देखने हेतु पर्यटकों भ्रमण कराते 
है। 

दलमा हील टॉप में ट्रूरियम को लुभाने के लिए , शिव मंदिर परिसर में लकड़ी का कॉटेज बनाया जा रहा । वही पर्यटकों खाने पीने सुविधा जल्द उपलब्ध होगा । नए लुक में दलमा हील टुप्बको देखने को मिलेगा ।


सरायकेला खरसावां ज़िला के चांडिल अनुमंडल स्थित दलमा वाइल्ड लाईफ सेंचुरी 193.22 वर्ग में फैले हुए हे ।सेंचुरी में अब पहुंचने लगा शैलानी की भीड़ और सफारी की लुप्त उठा रहा है,सुबह से पर्यटकों का लगने लगा भीड़ और साम 6 बजे तक सफारी की आनंद मिलने लगा ।

कैसे पहुंचते है

पर्यटक पश्चिम बंगाल से टाटा नगर रेलवे स्टेशन से 40 किलो मीटर दूरी दलमा सेंचुरी , टाटा रांची मुख्य राज्य मार्ग एनएच 33 शहरबेड़ा चौक से पांच किलोमीटर दूरी मुख्य चेकनाका मकुलाकोचा गेट पर से सफारी की बुकिंग उपलब्ध होता है, चेक नाका से पर्यटकों फूल गाड़ी 2800 प्रत्येक वेक्ति को 280 रुपया के साथ प्रत्येक पर्यटकों देना पड़ता हैं।वन विभाग द्वारा सफ़ारी गाड़ी में 600 रुपया का रसीद कटता है। 

कहा- कहा घूमता है

मकुलाकोचा चेकनाका से दलमा हील टॉप शिवमंदिर हनुमान मंदिर साथ ही सेंचुरी के अंदर मझलाबांध , बड़काबांध जो हाथी का बहुल क्षेत्र में कुछ जगह ही देखने मिलता। सुरक्षा के लिए स्थानीय ग्रामीण गाइड और चालक की सुविधा हे, दिन भर में पांच से छः ट्रीप चलता हे। 

वन एंव पर्यावरण विभाग दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी द्वारा टैंडर में चार जंगल सफारी गाड़ी जेएसआर ऑन व्हील्स राहुल सिंह के नाम एग्रीमेंट है। प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपया वन विभाग को मिलेगा । प्रत्येक सफारी में सेंचुरी भ्रमण जाने पर दौरान सफ़ारी गाड़ी से 600 रुपया प्रति पर्यटकों से 10 रुपया रेवियनु के तौर पर दिया जाता है,करोड़ों की गाड़ी का मेंटेनेंस कोन करेगा इसका अबतक खुलासा नहीं हुआ अब तो शुरू हुआ जंगल सफारी का आगे आगे ओर भी कुछ अच्छे देखने को मिलेगा ।

दलमा सेंचुरी में प्राकृतिक से हराभरा इन वादियों में मनोरमा में मन को लुभाने लगते हे। 79 कुदरती जलस्रोत है ,जंगली वन्य जीवजंतु भरे हे ,विभिन्न जलस्रोत में विभिन्न प्रजाति पंछी की मधुर आवाज सुनने को मिलता।जंगल सफारी की आनंद लेने के लिए पर्यटक विभिन्न राज्य जेसे साउथ तामिलनांडू ,बिहार ओर पश्चिम बंगाल , छत्तीसगढ़, झारखंड राज के कोने कोने से पर्यटक पहुंचने लगा।गज परियोजना में जंगल सफारी में बैठ कर अपने परिवार के साथ आनंद लेने पहुंचे ।

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